New Tarbandi Yojna Scheem: फसल सुरक्षा और समृद्ध कृषि सुनिश्चित करने के लिए तारबंदी योजना किसानों के लिए एक ढाल बनकर सामने आई है जिसमें लाखों किसान खेती करने के लिए अपने जीवन को समर्पित करते हैं। हालांकि, भारतीय किसानों को अक्सर विनाशकारी चुनौती का सामना करना पड़ता है मवेशी, नीलगाय, जंगली सूअर, और अन्य जंगली जानवरों द्वारा स्थायी फसलों का नुकसान होता रहता है इससे न केवल वित्तीय नुकसान होता है बल्कि किसान के मनोबल और कड़ी मेहनत पर भी एक हर्जाना लगता है। इस महत्वपूर्ण चिंता को संबोधित करते हुए, केंद्रीय और विभिन्न राज्य सरकारों ने ‘तारबंदी योजना’ (Barbed Wire Fencing Scheme) पेश की है। यह पहल किसानों को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान करती है ताकि वे अपने खेतों के चारों ओर सुरक्षात्मक बाड़ लगाने, अपनी कटाई को सुरक्षित कर सकें और अपनी आय को बढ़ावा दे सकें।
तारबंदी योजना के मुख्य उद्देश्य
तारबंदी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय और मानसिक स्थिति को सुधारना है इसके कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं।
- तारबंदी योजना से खेतों में घूम रहे आवारा पशुओं नील गाय जंगली सूअर और अन्य जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी
- तारबंदी जैसा महंगा कार्य किसानों के लिए एक बहुत कठिन कार्य है तारबंदी योजना के अंतर्गत किसानों को अनुदान के रूप में कुल लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मिलेगा यह लाभ सीमांत किसान और छोटे किसान भी उठा सकेंगे
- तारबंदी योजना से खेतों में सुरक्षा बढ़ेगी जिसके फल स्वरुप फसल की गुणवत्ता और फसल की मात्रा दोनों में ही वृद्धि होगी जिससे किसान की आय बढ़ेगी
- तारबंदी योजना से भूमि विवादों में भी कमी आएगी क्योंकि तार लगने खेत की सीमाएं स्पष्ट हो जाएगी
- किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए अब दिन रात जागने की चिंता से मुक्ति भी मिलेगी इससे बे बेफिक्र होकर खेती कर पाएंगे
अनुदान की संरचना
तारबंदी योजना के तहत मिलने वाला अनुदान हर राज्य में अलग-अलग हो सकता है लेकिन इसकी संरचना सभी जगह सामान्य रूप से रही है जिसे हम राजस्थान जैसे राज्यों में स्पष्ट रूप से देख सकते हैं क्योंकि यह योजना यहां काफी समय से सक्रिय है
- सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए तारबंदी की कुल लागत का 50% या अधिकतम सीमा 40000 रुपए या इससे कम तक अनुदान दिया जाएगा
- लघु और सीमांत किसानों के लिए अनुदान की दर अक्सर अधिक रहती है जैसे लागत का 60% या उच्च अधिकतम सीमा 48000 रुपये या इससे कम हो तक अनुदान दिया जाएगा
- यदि किसान समूह बनाकर जैसे 3 से 10 तक किसान एक बड़े क्षेत्र जैसे कम से कम 5 हैकटेयर तक भूमि पर एक साथ तारबंदी करवाते हैं तो उन्हें उच्च सब्सिडी दर 70% तक दी जाएगी यह सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है और बड़े भूभाग को सुरक्षा प्रदान करना सुनिश्चित करवाता है
अनुदान की अधिकतम सीमा
अधिकतर राज्य में अनुदान केवल 400 रनिंग मीटर तक की तारबंदी के लिए ही दिया जा रहा है अगर किसान को इससे अधिक लंबाई में तारबंदी करवानी है तो शेष खर्च होने स्वयं उठाना पड़ेगा जैसे अगर कोई किसान 400 मीटर की तारबंदी पर 80000 रुपए खर्च करता है जिसका अनुदान ₹40000 मिलेगा
अनुदान की पात्रता और मानदंड
तारबंदी योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ आवश्यक मानदंडों को पूर्ण करना होता है जो राज्य के कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किए गए होते हैं
- आवेदक किसान उस राज्य का स्थाई निवासी होना चाहिए जिस राज्य में यह योजना चल रही हो जैसे अगर उत्तर प्रदेश में यह योजना चल रही है तो आप उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी हो तो आपको इस योजना का लाभ मिल सकेगा
- किसान के नाम पर कृषि भूमि होना चाहिए कई राज्यों में व्यक्तिगत किसान के लिए एक न्यूनतम भूमि सीमा निर्धारित की गई है वहीं पर कई राज्यों में छोटे किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए सीमा में ढील दी है
- किसान की भूमि एक ही स्थान पर होनी चाहिए यदि न्यूनतम सीमा के अनुसार भूमि टुकड़ों में है तो किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा
- किसान ने पहले कभी तारबंदी या खेत की बाढ़ लगाने के लिए किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ न लिया हो अगर किसान ने पूर्व में इस प्रकार का कोई भी लाभ लिया है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा
- इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड खसरा खतौनी की नकल और बैंक खाता विवरण आदि होना चाहिए
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण बिंदु
तारबंदी योजना के आवेदन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल रखा गया है जो आमतौर पर ऑनलाइन और पहले आओ पहले पाओ के आधार पर कार्य करती है
- किसान नजदीकी जन सेवा केंद्र या ई-मित्र केंद्र या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं इससे किसान का पंजीकरण हो जाएगा
- आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे भूमि का रिकॉर्ड पहचान पत्र आदि अपलोड करने होते हैं इससे किसान के दस्तावेज ऑनलाइन जमा हो जाएंगे
- आवेदन के पश्चात कृषि विभाग के अधिकारी खेत का भौगोलिक सत्यापन करेंगे जिसमें तारबंदी शुरू होने से पहले और बाद के फोटो लिए जाते हैं
- सत्यापन सफल होने के बाद अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है बैंक खातों के माध्यम से किसानों को अनुदान का वितरण किया जाता है
- वही याद रखने योग्य बात यह है कि तारबंदी में किसी भी प्रकार का विद्युत करंट प्रवाहित करना सख्ती से प्रतिबंधित है अनुदान प्राप्त करने के बाद तारबंदी का रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी पूरी तरह किस की ही होती है योजना का लाभ किसी भी ट्रस्ट सोसायटी स्कूल कॉलेज या धार्मिक संस्थाओं को नहीं मिलेगा
New Tarbandi Yojna Scheem
तारबंदी योजना भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभ प्रदान करती है यह केवल एक बाढ़ लगाने की योजना नहीं है बल्कि किसानों के आत्मविश्वास और कृषि में बढ़ावा देने वाली एक योजना है आवारा पशुओं से सुरक्षा मिलने पर किसान बिना किसी डर के अधिक मूल्यवान और संवेदनशील फसले भी उगा सकते हैं जिससे फसल विवधिकरण को बढ़ावा मिलेगा तारबंदी के निर्माण और रखरखाव के काम में स्थानीय ग्रामीण समुदायों के लिए अस्थाई रोजगार के अवसर मिलेंगे अपनी फसल को सुरक्षित देखकर किसान बेहतर उत्पादन करेगा और उनकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगे तारबंदी योजना भारतीय किसानों को प्राकृतिक और बाहरी खतरों से सुरक्षा का एक कवच भी प्रदान करेगी सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली यह वित्तीय सहायता किसानों को अपने खेत की सुरक्षा के लिए एक टिकाऊ और प्रभावशाली समाधान है

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